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महात्मा गांधी: दुनिया के सबसे महान नेता

 महात्मा गांधी कौन थे?

महात्मा गांधी का जन्म 2 अक्टूबर 1869 को पोरबंदर, गुजरात में हुआ था। वह भारत में ब्रिटिश शासन के खिलाफ अहिंसक स्वतंत्रता आंदोलन के नेता थे। उन्होंने दक्षिण अफ्रीका में भारतीयों के मौलिक अधिकारों की वकालत की थी। उन्होंने लॉ की पढ़ाई की थी और ब्रिटिश संस्थानों के खिलाफ संगठित बहिष्कार के शांतिपूर्ण आंदोलन किए थे। उनके जीवन और शिक्षाओं ने मार्टिन लूथर किंग जूनियर और नेल्सन मंडेला जैसे प्रमुख कार्यकर्ताओं को प्रेरित किया।

परिवार और प्रारंभिक जीवन

महात्मा गांधी के पिता करमचंद गांधी गुजरात के पोरबंदर में दीवान थे। उनकी मां पुतलीबाई एक धार्मिक महिला थीं, जो नियमित रूप से उपवास करती थीं। मोहनदास करमचंद गांधी शर्मीले और साधारण छात्र थे। किशोरावस्था में गांधी इतना डरते थे कि वो कमरे में रोशनी करके सोते थे। टीनेज में गांधी ने धूम्रपान किया, मांस खाया और घर के नौकरों के पैसे चोरी किए।

धर्म और मान्यताएं

गांधी ने बचपन से ही भगवान विष्णु की पूजा की और जैन धर्म का पालन करते हुए अहिंसा, उपवास, ध्यान और शाकाहार स्वीकार किया। वे लंदन वेजीटेरियन सोसाइटी की कार्यकारी समिति में शामिल हो गए और दुनिया भर के धर्मों के बारे में अधिक जानने के लिए ग्रंथों को पढ़ना शुरु कर दिया।


उन्हें नोबेल शांति पुरस्कार क्यों नहीं मिला?

दिलचस्प बात यह है कि गांधी को 1937, 1938, 1939 और 1947 में शांति के लिए नोबेल पुरस्कार के लिए नामांकित किया गया था। भारत को स्वतंत्रता मिलने के बाद ही वे इस पुरस्कार के मजबूत दावेदार बन गए। उन्हें 1948 में फिर से नामांकित किया गया और यह निश्चित था कि उन्हें इस बार पुरस्कार मिलेगा, लेकिन नोबेल पुरस्कार की अंतिम घोषणा के कुछ दिन पहले कट्टरपंथी नाथूराम गोडसे ने उनकी हत्या कर दी।


नोबेल कमेटी की प्रतिक्रिया

नोबेल कमेटी ने नोबेल विजेताओं की सूची में गांधी का नाम शामिल न किए जाने पर सार्वजनिक रुप से खेद व्यक्त किया। नॉर्वे की नोबेल कमेटी ने 1948 में किसी को भी नोबेल शांति पुरस्कार नहीं देने का फैसला किया था क्योंकि नियम के अनुसार, नोबेल पुरस्कार मरणोपरांत नहीं दिया जाता है। हालांकि अगर किसी व्यक्ति को नोबेल पुरस्कार से सम्मानित किया जाता है और पुरस्कार प्राप्त करने से पहले उसकी मृत्यू हो जाती है तब भी उसे सम्मानित किया जा सकता है।


उन्हें भारत रत्न से सम्मानित क्यों नहीं किया गया ?

जैसा कि हम जानते हैं कि उन्होंने भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी, लेकिन उन्हें 1948 में मार दिया गया। 1954 में भारत रत्न की शुरुआत हुई थी। शुरुआत में भारत रत्न को मरणोपरांत नहीं दिया जाता था, लेकिन बाद में इस नियम को बदल दिया गया।

वह राष्ट्रपिता कैसे बने?

कुछ ही लोग जानते हैं कि नेताजी सुभाष चंद्र बोस, गांधी को 'राष्ट्रपिता' कहने वाले पहले व्यक्ति थे। बाद में, भारतीय संसद ने आधिकारिक तौर पर गांधी को "फादर ऑफ द नेशन' की उपाधि दी। आम तौर पर एक स्वतंत्र राष्ट्र के पहले राष्ट्रपति को इस तरह की उपाधि दी जाती हैं।


उन्हें महात्मा' कहने वाला पहला व्यक्ति कौन था?

आम धारणा यह है कि रवींद्रनाथ टैगोर गांधी को "महात्मा" कहने वाले पहले व्यक्ति थे। हालांकि, 7 साल पहले अहमदाबाद में साबरमती आश्रम ने एक दस्तावेज पेश कर बताया था कि गोंडा रामलीला के संस्थापक ने उन्हें पहली बार 'महात्मा' कहा था। यह दस्तावेज मनुभाई पारेख ने पेश किया था, जिसके मुताबिक टैगोर से कई साल पहले एक कार्यक्रम में गांधी को महात्मा कहा गया था।

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